रोक लेना खुद को।

रोक लेना खुद को , लगे कि बिखरने वाले हो , वो लोग जो तेरे टूटने का करण है , तेरे बिखरने पर हंसी उड़ाएंगे।

रोक लेना खुद को , अगर लगे की गुस्से में हो, वो लोग तेरे गुस्से का हथियार तुझी पे चलाएंगे ।

आंसू को कमजोरी बनते देर नहीं लगती, गुस्से को अहंकार में ढलते देर नहीं लगती ।

तेरे गुस्से के काबिल नहीं वो लोग, तेरी तकलीफ़ से खुश है वो लोग, दुनिया को बस मुसकान ही देना, तेरी उचाईया ही उनका सबक हैं ।

रोक लेना खुद को गिरने से, तेरा हाथ थामने को तेरे अपने ही बहुत है।

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