एक छोटी सी पहल…

हम सब ने गणेश चतुर्थी बड़े ही जोश से मनाई, बड़े ही उत्साह से हमने भगवान श्री गणेश का विसर्जन किया। इस साल कोरोना के कारण अधिकतर लोगों ने विसर्जन घर पर ही किया। गणेश चतुर्थी के दौरान हम सभी के घरों में एक हर्ष का वातावरण था।

2 सितंबर 2020 को हमने गणेश जी का विसर्जन किया और उन्हें विदा किया। और इस बार घर पर विसर्जन करने के बाद एक बात ध्यान देने वाली थी की गणेश जी की मूर्ति आज 13 सितंबर को भी पूरी तरह विसर्जित नहीं हो पाई है जबकि मैंने माटी के गणेश लिए थे और विसर्जन करते ही वह पूरी तरह पानी में चले गए थे ना की पीओपी की मूर्ति की तरह ऊपर तैयार कर आए थे इसके बाद भी 11 दिन बाद में विसर्जित नहीं हो पाए हैं।

तो आज तक हम अपनी नदियों के साथ क्या कर रहे थे , पर वहां तो न जाने कितनी पीओपी की मूर्तियां भी आती होंगी, इससे ना सिर्फ नदी , तालाबों का पानी गंदा होता है बल्कि उस में पाए जाने वाले जीव जंतु भी मारे जाते हैं।

मैं जानता हूं बहुत से लोगों का एक भावनात्मक पहलू रहता है, कि गणेश जी का विसर्जन नदी या तालाबों में ही हो शायद वह और उनके टूटे हुए मूर्ति हो देखना नहीं चाहते पर इस सबके साथ आपने तालाबों के साथ नदियों के साथ और कहीं ना कहीं खुद अपने साथ ही न्याय नहीं कर पा रहे हैं। बेशक गणेश जी का विशेष आदर है हम सबके मन में लेकिन जिन नदियों को जिन तालाबों को हम गंदा करते आ रहे हैं वह भी देवी देवताओं का ही रूप है और शायद मुझे बताने की जरूरत भी नहीं है कि किस तरह से तालाबों को नदियों को भारत में पूजा जाता है।

और यह सब करके हम पर्यावरण को खराब नहीं कर रहे हैं बल्कि अपनी मौत को दावत दे रहे हैं , हम में इतनी काबिलियत नहीं है कि हम पर्यावरण को खराब कर सकें यह बात कोरोना ने बहुत ही अच्छी तरह से पूरे दुनिया को समझा दिया है। पर्यावरण जब चाहे जैसे जाए हमें खत्म कर सकता है और कुछ भी समय नहीं लगेगा उसे यह करने में।

इसी कारणवश इस साल से मैं तो संकल्प लेता हूं कि मेरे घर के गणेश जी आज के बाद नदी तालाबों में विसर्जित नहीं होंगे बल्कि मेरे ही घर में रहेंगे हमेशा हमेशा के लिए।

4 thoughts on “एक छोटी सी पहल…

  1. Krunal Rathod says:

    मेरा यह केहेना हैं की विसर्जन करणं जरुरी हैं.क्या???
    अगर हम मेटल की मूर्ति रखे ओर उसकी पूजा करे…
    ओर फिर अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन करने के बजाएं अपने मंदिर में वापिस रख दे ……
    हर साल आईसे ही करे तो क्या गलत होगा……..
    सोचीये…..

  2. Naveen Gupta says:

    Ganpati bappa morya..
    Puja krne ke liye Shraddha aur Vinay rakhne ki jarurat h..
    Nd environment ko clean rakhna .. again it’s same .. part of puja…
    Nd public is not showing ny responsibility.. nd pretending unawarness regarding cleaner environment..
    So keep environment clean n safe.. puja will in itself complete n successful .

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