कुछ रिश्ते।।

कुछ रिश्ते मिले अनजाने में, दिल को खुशियां वो दे चले, दस्तक कुछ हुई दिल में , कुछ नए फसाने बन गए।

कौन अपना कौन पराया, दुनिया के रिश्तों से दिल ये ना चले, सुकून जहां मिला इस दिल को, वहीं से एक रिश्ता पले।

कुछ खूबसूरत रिश्ते यू ही बन जाते है, बिना कुछ कहे सुने बरसो के जख्म भर जाते है।

Make it count

Trust your journey , you might get hurted , u might feel devastated .

Have faith, keep smiling, you will also be rewarded .

You will see beautiful palaces, you will meet awsome people.

You might be frustrated, tensed or helpless. In the end you will turn out to be more calmer, relaxed and matured person.

Every question need not to be answered, every battle need not to be fought. Talk to your self, it’s your journey , make it count.

मैं घमंडी ।।

लगता है तुझको की मैं घमंडी, तो मैं घमंडी , इश्क है हर चीज़ से मुझे हर इन्सान से इश्क है, और जो मेरा तनहाई से इश्क तुझे लगे घमंड , तो मैं घमंडी।

काम से भी इश्क किया है मैंने , इश्क का काम भी किया है मैंने, जो मेरी खुद्दारी तुझे लगे घमंड , तो मैं घमंडी ।

भाषा मेरी अजीब हर बोली का इसमें रंग है, क्या करू ये भारत मेरा जलतरंग है, हर छोर से निकले एक नई धुन, जो मेरी धुन तुझे लगे घमंड , तो मैं घमंडी ।

लोगो कि परवाह में में वक्त जाया ना करू, नफरतों के दलदल से दूर ही रहूं , अपने मे मस्त जो तुझे लगु घमंडी, तो मैं घमंडी ।

लोगो का क्या है, गाली ही देंगे, मुंह पर हसेंगे और पीछे बकेंगे , तेरी बकवास से मेरी मुस्कान बुलंद, जो दिखे तुझे मेरी मुस्कान मे घमंड, तो मैं घमंडी ।

उठा कदम ।।

माना कि आज सुकून कुछ कम सा है, थमा हुआ सा हर लम्हा और जुनून कुछ कम सा है, वक्त से आगे कोई चला नहीं और वक्त के बाद कोई रुका नहीं , थाम लेना पैरो को कुछ और वक्त , रोक लेना जो उठ रहा अरमानों का हुजूम सा है।

वक्त है एक नया पन्ना पलटने का, नई राह चलने का , नए रंग भरने का। देख एक नई मंज़िल तेरी राह में है, देख एक नया रास्ता तुझे तकता है, डर मत उठा कदम , नए रास्ते अक्सर खूसूरत हुआ करते है, और कुओ मे बस मेंडक ही रहा करते है।

एक हुनर तेरे पास भी है, एक शौक तुझे याद भी है, कुछ दबे अरमान भी है, देखने को सारा जहान भी है। सपना एक तेरी आंखो मे भी है, तेरे अन्दर एक जान भी है।

रोक लेना खुद को।

रोक लेना खुद को , लगे कि बिखरने वाले हो , वो लोग जो तेरे टूटने का करण है , तेरे बिखरने पर हंसी उड़ाएंगे।

रोक लेना खुद को , अगर लगे की गुस्से में हो, वो लोग तेरे गुस्से का हथियार तुझी पे चलाएंगे ।

आंसू को कमजोरी बनते देर नहीं लगती, गुस्से को अहंकार में ढलते देर नहीं लगती ।

तेरे गुस्से के काबिल नहीं वो लोग, तेरी तकलीफ़ से खुश है वो लोग, दुनिया को बस मुसकान ही देना, तेरी उचाईया ही उनका सबक हैं ।

रोक लेना खुद को गिरने से, तेरा हाथ थामने को तेरे अपने ही बहुत है।

मंजिले।

बड़ा थकाती है और बहुत रूलाती है मंजिले, खून पसीना भी बड़ा बहाती है मंजिले , रास्ते कांटो से भरे होते है, घाट घाट की सैर कराती है मंजिले।

रातों को नींदे उड़ाती है , दिन मे ये ख्वाब दिखाती है , हस्ते हुए को रूलाती है , रोते को भी ये हसाती है।

जीने कि ये राह भी है, और चलने का तरीका भी , यही तेरी मुस्कान भी है और यही सलीका भी । ख्वाब ही है तेरे जो जीने कि उम्मीद है , ख्वाब ही खुशियां है , ख्वाब ही हर फसाद है।

ज़िंदगी रास्तों पे है , और मंजिले ख़्वाबों मे, ना अंत रास्तों का है ना अंत ख़्वाबों का, जितना जिये वो तेरी हिम्मत और जितना चले वो तेरी किस्मत।

दोस्त मेरे कुछ कम ही होते है

दोस्त मेरे कुछ कम ही होते है, बातो के सिलसिले भी कम ही होते है। बातो से दिल जीतने का हुनर मुझे आता नहीं, बातो बातो मे फसाने कुछ कम ही होते है।

कुछ बचपन के यार, कुछ जवानी के दिलदार , इक नादान सा इश्क और बचपने हजार , इतना ही जहां मेरा बस इतना सा है संसार।

दुनियादारी से फासला तय ही होता है अपना, शायद इसीलिए सैकड़ों झूठे अपनों से चंद सच्चे बेगाने यार रखता हूं। कुछ फ़िज़ूल ताने अनसुने करता हूं और सपने हजार रखता हूं।

Nazar nazariya

Nazar nazariye ka fark hai, sab k liye ek tark hai… Kabhi paas ho kar bhi Jannat nahi dikhati, kisi ki zindagi jannat-e-nark hai.

Dil-o-dimaag to beshak sabhi ko mila, par khushiya dhundne k hunar me thoda fark hai… Aksar khushiya dil hi deta hai , dimaag to bas ek marz hai…

Ek marz jo namumkin se dar paal leta hai, dil to bas badhawashiyo me hi mast hai…

Ek hunar un bachoo se seekh lena, ladna jhagadna fir khilkhila lena…khel khilono k ye mohtaj nahi ye , kabhi tum bhi kaagaj ki kashti chala lena kabhi bewajah daud laga lena...

Happy Diwali

A very happy and prosperous deepawali to everyone, many of us have managed to avoid crakers though there were lots of them out there but atleast we have taken our first step towards caring for our environment.

I bribed my kids with some extra toys and sweets and they happily agreed to go this diwali without crackers. And good thing is this time they are happily playing all around but everytime they get serious throat infection during Diwali .

So I prefer to see my kids happy over those unnecessary crackers.

Aj hawa me zeher kuch kam to hai, kilkariyo se bhara fir bhi angan to hai … Kya rakha hai kambakht zehrile ujalo me, diyo se bhi ghar roshan to hai…

Pathako ka dhuan nahi, fulo ki khushbu to hai …rangoli k rang hai, tyohar ka mausam to hai…

शून्य

शून्य से ही जग बने, शून्य पर ही सब खत्म, शून्य से ही मैं और तुम, शून्य से ही है जिवन।

शून्य से ही तू बढ़े, शून्य से ही तू चला, आकर रुकेगा शून्य पर ही, चक्र ये निरंतर चला।

लगे कभी तूझे कि सामने है अंत खड़ा, याद रखना प्रारंभ की है यही विशेषता, अंत है आरंभ भी, हर आरंभ का है अंत लिखा।

शून्य पर है तू खड़ा और शून्य पर है तू चला, शून्य भी तब तक चलेगा, जब तलक है तू चला।

विचित्र है पर सत्य है , शून्य यह अद्भुत बड़ा, ना कोई भी नोंक इस में, सादगी से है भरा ।

सब कहीं ना कहीं जाकर रुके, शून्य ये निरंतर चला, और शून्य बस चलता रहा।